(کِ. کَ دَ) [ ع – فا. ] (مص ل.) ۱- کرایه کردن. ۲- ارزیدن، اهمیت داشتن.
(کِ) [ ع. ] (مص ل.) بار بستن بر ستور.
(کَ رّ) [ ع. ] جِ کرت. ۱- حملهها. ۲- دفعات.
(کُ) [ ع. ] (اِ.) جِ کره.
(کَ) (اِصت.) بانگ و فریاد ماکیان به هنگام تخم نهادن.
(کُ) (اِ.) جامه کهنه و پاره. کُراده و کُراره نیز گویند.
(کَ رّ) [ ع. ] (ص.) بسیار حمله کننده.
(کِ رَ نْ) [ ازع. ] (ق.) مکرراً، به تکرار، به کرامت.
(کُ) [ ع. ] (اِ.) تنگ، کوزه آب.
(کُ سَ یا کُ رّ سَ) [ ع. کراسه ] (اِ.) کتاب، دفتر. ج. کراریس. کراس.