(اَ لْ مُ ثَ نْ نا) [ ع. ] (اِ.) نسخه دوم، رونوشت.
(اَ مَ یَُ) (مص جع.) زیرکی تیزهوشی.
(اَ لَ) (اِ.) دستبند، دست برنجن.
(اِ لا هْ) [ ع. ] (اِ.) خدا، خداوند.
(اِ) [ ع. ] (مص م.) مشغول کردن.
( اِ ) [ ع. ] ۱- (مص م.) در دل افکندن. ۲- (مص ل.) در دل افتادن. ج. الهامات.
(اِ لا هِ) [ ع. ] (اِ.) مؤنث اله.
(اِ لا) [ ع – فا. ] (ص نسب.) = الاهی: منسوب به الله، خدایی.
(اَ لُ) (اِ.) شعله آتش، زبانه آتش.
(~.) [ فر. ] (اِ.) لفظی است که در شروع برقراری ارتباط تلفنی گفته میشود.